Sunday, April 21, 2013

माफ मत करना 'गुड़िया' ...



हममें से ही किसी हाथ ने नोच लिया तुम्हें ...
हममें से कोई हाथ 40 घंटे तुम्हारे आंसू नहीं पोछ पाया ...
हम हाथ जोड़ें भी तो माफ मत करना बिटिया ...
आख़िर सदियों पहले ... हम में से ही किसी हाथ ने खींचीं थी तुम्हारे लिए 'मर्यादा रेखा' ...

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